मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्यव्यापी अभियान का नेतृत्व किया; पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक कार्यों में नैतिक आचरण पर दिया जोर
दिलीप कुमार पटनायक
खोरधा, २७ अक्टूबर: पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंगलवार को सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अवसर पर राज्यभर के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। इस दौरान उन्होंने सभी लोक सेवकों से अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी, निष्पक्षता और नैतिक मूल्यों के साथ करने का आह्वान किया।

राज्य सचिवालय लोक सेवा भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। ओडिशा स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क (ओएसडब्ल्यूएएन) के माध्यम से राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी एक साथ शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस राज्यव्यापी पहल का उद्देश्य भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करना तथा सरकारी प्रशासन में सत्यनिष्ठा और ईमानदारी की संस्कृति को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के दौरान सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, निर्णय लेने की प्रक्रिया में जवाबदेही तथा आम नागरिकों को सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।

राज्यव्यापी आयोजन के तहत खोरधा जिला प्रशासन की ओर से भी जिला कलेक्टर कार्यालय में इसी तरह का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सार्वजनिक सेवा में ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और व्यावसायिक प्रतिबद्धता बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की संयुक्त रूप से अध्यक्षता अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (सामान्य) प्रताप चंद्र बेउरा तथा अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (राजस्व) साफल्य मंडिता प्रधान ने की।
समारोह में प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ी व्यापक चिंताओं का उल्लेख करते हुए इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी निर्णयों में पक्षपात, अनुचित प्रभाव और अनियमितताओं के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। अधिकारियों और कर्मचारियों को याद दिलाया गया कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, निष्पक्षता और जनकल्याण की भावना के साथ करें।
खोरधा में आयोजित कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनादि चरण सेठी, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. प्रज्ञा परमिता जेना और रश्मिबाला स्वाईं, डिप्टी कलेक्टर आर्तत्राण सौम्य सागरिका स्वाईं और सारा मल्लिक तथा सहायक कलेक्टर भुवनेश्वरी कंहर और इप्सिता साहू सहित जिला प्रशासन के कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों में भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा नैतिक आचरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से किया जाता है। इस आयोजन के माध्यम से प्रशासनिक संस्थानों में सतर्कता, जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत बनाने का प्रयास किया जाता है, ताकि सरकारी विभागों का कामकाज अधिक प्रभावी और जनहितकारी बन सके।
भ्रष्टाचार आज भी प्रभावी सार्वजनिक प्रशासन के समक्ष एक बड़ी चुनौती है। इससे सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है और सरकारी संस्थानों के प्रति नागरिकों का विश्वास कमजोर पड़ता है। स्वच्छ और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करने के लिए केवल प्रभावी सतर्कता व्यवस्था और भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से नैतिक मूल्यों के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता तथा जिम्मेदारीपूर्ण निर्णय लेना भी आवश्यक है।
सरकारी योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में सत्यनिष्ठा और पारदर्शिता का महत्व और भी बढ़ जाता है। इन योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र हितग्राहियों तक बिना किसी भेदभाव, पक्षपात या अनुचित हस्तक्षेप के पहुंचना चाहिए। इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करना और सरकारी संसाधनों का उचित उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है।
खोरधा में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह राज्यभर में सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा रहा। इस कार्यक्रम ने इस सिद्धांत को दोहराया कि सरकारी संस्थानों को नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करना चाहिए।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और प्रशासनिक संस्थानों की सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित किया गया। इसका उद्देश्य भ्रष्टाचार की रोकथाम, जनहित की रक्षा तथा एक पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करना है।
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