पीईटी निलंबित; प्रधानाध्यापक के निलंबन की अनुशंसा, जिला शारीरिक शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस
दिलीप कुमार पटनायक
खोरधा, २९ सितंबर: ओडिशा के खोरधा जिले में जिला स्तरीय एथलेटिक मीट के दौरान एक दर्दनाक हादसे में दसवीं कक्षा के एक छात्र की तालाब में डूबने से मौत हो गई। सोमवार को जंकिया थाना क्षेत्र के नरनगढ़ स्थित प्रतियोगिता स्थल के निकट यह घटना हुई। मृतक की पहचान बालीपटना आदर्श विद्यालय के दसवीं कक्षा के छात्र अर्णव साहू के रूप में हुई है। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने छात्र की सुरक्षा और निगरानी में कथित लापरवाही के लिए विद्यालय प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है।
घटना के बाद जिला शिक्षा विभाग ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। बालीपटना आदर्श विद्यालय के शारीरिक शिक्षा शिक्षक (पीईटी) सुनील पांडा को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने निलंबित कर दिया है। वहीं, नरनगढ़ स्थित पीएम श्री चिंतामणि विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय प्रताप मिश्रा के निलंबन की अनुशंसा स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग को भेजी गई है। इसके अलावा, जिला शारीरिक शिक्षा अधिकारी दिलीप कुमार मोदी को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने को कहा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खोरधा जिला स्तरीय एथलेटिक मीट का आयोजन सोमवार को नरनगढ़ स्थित पीएम श्री चिंतामणि विद्यालय में शुरू हुआ था। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से लगभग १८० छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। बालीपटना आदर्श विद्यालय के आठ विद्यार्थी भी प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचे थे, जिनमें अर्णव साहू भी शामिल था।

बताया जाता है कि मंगलवार सुबह अर्णव विद्यालय परिसर के निकट स्थित एक तालाब में चला गया, जहां कथित तौर पर डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और छात्र को तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद कुछ शिक्षक उसे एंबुलेंस से खोरधा जिला मुख्यालय अस्पताल ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवाया तथा घटना की सूचना जंकिया पुलिस को दी। सूचना मिलने पर जंकिया थाना के निरीक्षक चंद्रशेखर जेना अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।
इधर, बालीपटना आदर्श विद्यालय के एक शिक्षक द्वारा घटना की सूचना दिए जाने के बाद अर्णव के परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे। छात्र की मौत की खबर से परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों की निगरानी और उनकी सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।

परिवार के सदस्यों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने तथा लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने की मांग की। इस घटना ने विद्यालय से बाहर आयोजित होने वाली खेल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों की सुरक्षा, निगरानी और जिम्मेदारी तय करने को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद खोरधा जिला शिक्षा अधिकारी सोनामिका राय अन्य अधिकारियों एवं शिक्षकों के साथ अस्पताल पहुंचीं। इस दौरान अस्पताल परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। छात्र की मौत से आक्रोशित परिजनों और अन्य लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर की।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए खोरधा मॉडल थाने के थाना प्रभारी रमेश कुमार देबता तथा एसडीपीओ पंकज कुमार माझी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया। घटनास्थल पर एक वैज्ञानिक जांच दल भी पहुंचा और आवश्यक जांच-पड़ताल की।
मृतक की मां की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस बीच, खोरधा के तहसीलदार विभास पाणिग्राही ने भी अस्पताल पहुंचकर शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने रेडक्रॉस कोष से परिवार को ३०,००० रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही, सरकार की अन्य पात्र योजनाओं के तहत सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई, जवाबदेही पर उठे सवाल
छात्र की मौत के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने विभागीय कार्रवाई शुरू करते हुए पीईटी सुनील पांडा को कर्तव्य निर्वहन में कथित लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, पीएम श्री चिंतामणि विद्यालय, नरनगढ़ के प्रधानाध्यापक विजय प्रताप मिश्रा के निलंबन की अनुशंसा स्कूल एवं जन शिक्षा विभाग को भेजी गई है।
जिला शारीरिक शिक्षा अधिकारी दिलीप कुमार मोदी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे घटना के संबंध में अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
अब पुलिस जांच और विभागीय कार्रवाई के दौरान इस बात की पड़ताल की जाएगी कि प्रतियोगिता के दौरान छात्र तालाब तक किन परिस्थितियों में पहुंचा, विद्यार्थियों की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था की गई थी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किन अधिकारियों एवं शिक्षकों की थी।
अर्णव की असमय मौत ने एक परिवार को गहरे शोक में डाल दिया है। साथ ही, इस घटना ने स्कूली विद्यार्थियों को जिला स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं में भेजने से पहले सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और आपातकालीन सहायता की तैयारियों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।
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