खुर्दा को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान शुरू ;

पदयात्रा, पारंपरिक लोककलाओं और जागरूकता रथ के जरिए बालीअंता ब्लॉक में लोगों को किया गया जागरूक

दिलीप कुमार पटनायक

खुर्दा, २३ अक्टूबर:- खुर्दा जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को बालीअंता ब्लॉक के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के माध्यम से लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों, इसे रोकने के लिए लागू कानूनी प्रावधानों तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करने के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।

यह अभियान खुर्दा के जिला श्रम अधिकारी (प्रवर्तन) तथा बालीअंता के सहायक श्रम अधिकारी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क स्थापित कर बाल श्रम के खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाना और खुर्दा जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के प्रयासों में आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना था।

अभियान के तहत प्रतापशासन ग्राम पंचायत के बालकाटी बाजार, भैंचुआ ग्राम पंचायत के रंगा बाजार, बालीअंता बाजार, सरकणा ग्राम पंचायत के सरकणा बाजार एवं आसपास के बाजार क्षेत्रों, पुरण प्रधान ग्राम पंचायत तथा बालीअंता ब्लॉक कार्यालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस दौरान पदयात्रा, पारंपरिक लोककलाओं पर आधारित दशाकाठिया और पाला प्रस्तुतियों तथा जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों तक बाल श्रम विरोधी संदेश पहुंचाया गया। पारंपरिक लोककलाओं और प्रत्यक्ष जनसंपर्क का सहारा लेकर आयोजकों ने लोगों को समझाया कि बच्चों से श्रम कराना उनके शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास के लिए नुकसानदेह है। साथ ही, बच्चों को काम में लगाने के बजाय विद्यालय भेजने और उनकी शिक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

अभियान के अंतर्गत होटल, भोजनालय, गैरेज तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इन प्रतिष्ठानों में बच्चों को काम पर लगाए जाने की आशंका को ध्यान में रखते हुए संचालकों और कर्मचारियों को बाल श्रम निषेध संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई। दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की दीवारों पर बाल श्रम के खिलाफ संदेश देने वाले पोस्टर एवं सूचनाएं भी प्रदर्शित की गईं।

अभियान के दौरान दुकानदारों, व्यापारियों, नियोजकों और आम नागरिकों को बच्चों को काम पर लगाने से होने वाले दुष्परिणामों तथा कानून के उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई के बारे में जागरूक किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम को रोकना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।

कार्यक्रम में बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास के अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। अभिभावकों, नियोजकों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा स्थानीय समुदायों से अपील की गई कि वे बाल श्रम की रोकथाम के प्रति सतर्क रहें और इस दिशा में प्रशासन को सहयोग प्रदान करें।

इस पहल का प्रमुख उद्देश्य बाल संरक्षण कानूनों के प्रति लोगों की समझ बढ़ाना, बच्चों को श्रम में नियोजित करने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करना तथा शिक्षा से वंचित बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने के प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।

अभियान के आयोजकों के अनुसार, बाल श्रम पर अंकुश लगाने के लिए कानूनी कार्रवाई और प्रशासनिक निगरानी आवश्यक है, लेकिन इसके मूल कारणों को दूर करने के लिए निरंतर जनजागरूकता और समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

इस अभियान के माध्यम से समाज में बच्चों के अधिकारों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने तथा खुर्दा जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के व्यापक लक्ष्य को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।

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