कार और इलेक्ट्रिक स्कूटर समेत मोबाइल फोन व १५ हजार रुपये नकद जब्त; अंतरजिला मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
दिलीप कुमार पटनायक
खोरधा, १५ अक्टूबर :- खोरधा मॉडल पुलिस ने जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ४२ किलो गांजा जब्त किया है और इस सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने खोरधा के तरतुआ स्थित आईटीबीपी कैंप के पास से आरोपियों को पकड़ा। कार्रवाई के दौरान गांजा की ढुलाई और वितरण में कथित रूप से इस्तेमाल की जा रही एक हुंडई वेन्यू कार, एक इलेक्ट्रिक स्कूटर, तीन मोबाइल फोन तथा १५ हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए।
खोरधा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) परमार स्मित परषोत्तमदास ने बुधवार को जिला पुलिस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि १४ अक्टूबर को सुबह करीब १०.१० बजे विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई। इसके लिए खोरधा मॉडल थाना के प्रभारी बसुदेव जयसिंह की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई।

उपनिरीक्षक बसंत कुमार पटनायक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोपहर करीब १२.३५ बजे तरतुआ स्थित आईटीबीपी कैंप के पास संदिग्धों को रोका। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से गांजा और अन्य सामग्री बरामद की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कंधमाल जिले के सदर थाना क्षेत्र के फूलबाणी इलाके के कमलाकांत कंहर (२७) और बादल बिसोई (२५) तथा जगतसिंहपुर जिले के तिर्तोल थाना क्षेत्र के छपड़ा गांव निवासी रतिरंजन परिड़ा (४३) के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, कंधमाल के दोनों आरोपी कथित तौर पर गांजा की खरीद और आपूर्ति से जुड़े थे, जबकि रतिरंजन परिड़ा पर गंतव्य स्थान पर खेप प्राप्त करने और उसके वितरण में संलिप्त होने का संदेह है। पुलिस आरोपियों के बीच संबंधों की जांच कर रही है, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान हो सके।
पुलिस ने ४२ किलो गांजा के अलावा ओडिशा पंजीकरण संख्या ओडी ०२ सीजी ५०६६ वाली हुंडई वेन्यू कार, ओडी ३३ एयू ६८५७ नंबर का वीआईडीए इलेक्ट्रिक स्कूटर, तीन मोबाइल फोन और १५ हजार रुपये नकद जब्त किए हैं।

इस मामले में खोरधा मॉडल थाना कांड संख्या ६१४, दिनांक १४ अक्टूबर २०२६, के तहत स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा २०(बी)(ii)(सी) और २९ के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक रंजन मल्लिक मामले की जांच कर रहे हैं, जबकि उपनिरीक्षक बसंत कुमार पटनायक इस मामले में सूचनाकर्ता हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस कथित मादक पदार्थ कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की पड़ताल करने, अन्य संदिग्ध सहयोगियों का पता लगाने तथा तस्करी के स्रोत और वितरण नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। इसके अलावा, अवैध कारोबार से अर्जित धन से संपत्ति खरीदे जाने की आशंका की भी जांच की जा रही है।

एसपी ने कहा कि यह कार्रवाई नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। पुलिस का उद्देश्य केवल स्थानीय स्तर पर मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी आपूर्ति, परिवहन और वितरण से जुड़े नेटवर्क को भी ध्वस्त करना है। इसी क्रम में ब्राउन शुगर, कोडीन युक्त कफ सिरप और गांजा की कथित तस्करी में शामिल नेटवर्क पर भी निगरानी रखी जा रही है।
एसपी ने आम लोगों से अपील की कि प्रतिबंधित मादक पदार्थों की खेती, परिवहन, बिक्री या सेवन से संबंधित किसी भी जानकारी को अपने नजदीकी थाने के साथ साझा करें। सूचना आपातकालीन हेल्पलाइन ११२अथवा मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन १९३३ पर भी दी जा सकती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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