खोरधा में अवैध खनन के खिलाफ छापेमारी, ८ गिरफ्तार; १२ वाहन जब्त ;

वंडरला वाटर पार्क और अरंगा-मधुपुर के निकट पुलिस की रातभर कार्रवाई; खनिज के उत्खनन और परिवहन की वैधता की जांच शुरू।

दिलीप कुमार पटनायक

खोरधा, १० अक्टूबर:- खोरधा जिले में कथित अवैध मुर्रम उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इंडस्ट्रियल एस्टेट थाना पुलिस ने ९ और १० अक्टूबर की रात दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर ८ लोगों को गिरफ्तार किया तथा १२ वाहनों को जब्त किया। जब्त वाहनों में ७ जेसीबी उत्खनन मशीनें और ५ हाइवा ट्रक शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले में लघु खनिजों के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।


इंडस्ट्रियल एस्टेट थाना पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पहली कार्रवाई कुंभारबस्ता गांव के निकट वंडरला वाटर पार्क के पीछे की गई, जबकि दूसरी छापेमारी अरंगा-मधुपुर के समीप एक वन क्षेत्र में हुई। पुलिस ने दोनों स्थानों पर मुर्रम के कथित अवैध उत्खनन से संबंधित गतिविधियों का पता लगाते हुए भारी मशीनरी और परिवहन में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया।
हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई में ८ लोगों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन कथित रूप से कितना मुर्रम निकाला गया, यह गतिविधि कितने समय से चल रही थी और किन-किन नियमों का उल्लंघन हुआ है, इन तथ्यों की पुष्टि अभी बाकी है।

वंडरला के निकट छापेमारी में ६ गिरफ्तार

पहली कार्रवाई में पुलिस ने कुंभारबस्ता गांव के पास वंडरला वाटर पार्क के पीछे कथित अवैध मुर्रम उत्खनन का पता लगाया। पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस गतिविधि का संबंध इन्फोवैली थाना क्षेत्र के पितापल्ली निवासी मितु उर्फ रंजन पट्टासानी से बताया गया है।


कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ६ जेसीबी उत्खनन मशीनें और ३ हाइवा ट्रक जब्त किए तथा इस मामले में ६ लोगों को गिरफ्तार किया। एक ही स्थान से इतनी बड़ी संख्या में भारी मशीनों और परिवहन वाहनों की जब्ती ने खनिज उत्खनन की व्यवस्था, उसके संचालन तथा खनिज को दूसरे स्थानों तक पहुंचाने की वैधता पर सवाल खड़े किए हैं।
जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित व्यक्तियों के पास खनिज उत्खनन के लिए आवश्यक अनुमति थी या नहीं तथा वे खनन संबंधी निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन कर रहे थे या नहीं।

अरंगा-मधुपुर के निकट २ लोग गिरफ्तार

दूसरी कार्रवाई अरंगा-मधुपुर के समीप एक वन क्षेत्र में की गई। पुलिस के अनुसार, यहां भी कथित रूप से इसी प्रकार की गतिविधियां सामने आईं, जिनका संबंध अरंगा निवासी लालू प्रसाद यादव से बताया गया है।
इस कार्रवाई में पुलिस ने १ जेसीबी उत्खनन मशीन और २ हाइवा ट्रक जब्त किए तथा २ लोगों को गिरफ्तार किया। दोनों स्थानों पर हुई कार्रवाई में कुल १२ वाहन जब्त किए गए हैं। इनमें ७ जेसीबी उत्खनन मशीनें और ५ हाइवा ट्रक शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी ८ आरोपितों को १० अक्टूबर को न्यायालय में पेश किया गया।

खनन अनुमति और परिवहन दस्तावेजों की होगी जांच

दोनों स्थानों पर हुई छापेमारी के बाद लघु खनिजों के उत्खनन और परिवहन से संबंधित नियमों के अनुपालन का मामला महत्वपूर्ण हो गया है। यह पता लगाने के लिए कि कथित गतिविधियां वैध थीं या नियमों का उल्लंघन किया गया था, संबंधित खनन अधिकारियों द्वारा आवश्यक अनुमतियों, परिवहन दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की जांच की जानी आवश्यक है।
सक्षम खनन अधिकारियों को यह सत्यापित करना होगा कि कथित उत्खनन किसी अधिकृत क्षेत्र में किया जा रहा था या नहीं तथा संबंधित व्यक्तियों के पास वैध खनन पट्टा, अनुमति अथवा अन्य आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां थीं या नहीं। इसके साथ ही, खनिज परिवहन के लिए आवश्यक पारगमन दस्तावेजों और संबंधित अभिलेखों की भी जांच करनी होगी।
कथित रूप से निकाले गए मुर्रम की मात्रा, गतिविधियों की अवधि और खनिज के अनुमानित मूल्य का आकलन करने से मामले की वास्तविक गंभीरता का पता चल सकेगा। जांच में उल्लंघन की पुष्टि होने पर लागू कानूनी प्रावधानों के तहत रॉयल्टी, जुर्माना अथवा अन्य सरकारी देय राशि की वसूली का प्रश्न भी उठ सकता है।
हालांकि, केवल मशीनों और परिवहन वाहनों की जब्ती से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कितनी मात्रा में खनिज निकाला गया अथवा सरकारी राजस्व को कितना नुकसान हुआ। इसके लिए संबंधित स्थलों का निरीक्षण, दस्तावेजों का सत्यापन और खनिज की मात्रा एवं मूल्य का आकलन आवश्यक होगा।
दोनों स्थलों की सटीक स्थिति और उनकी कानूनी प्रकृति की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। अधिकारियों को यह पता लगाना होगा कि कथित उत्खनन निजी भूमि पर हुआ, सरकारी जमीन पर या किसी अन्य विनियमित क्षेत्र में। अरंगा-मधुपुर के निकट स्थित वन क्षेत्र की भूमि के उपयोग और वन संबंधी स्थिति का सत्यापन भी आवश्यक होगा। इन तथ्यों की पुष्टि के बाद ही कथित अनियमितताओं की प्रकृति और सीमा निर्धारित की जा सकेगी।

बीएनएस और ओएमएमसी नियमों के तहत मामले दर्ज

पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इंडस्ट्रियल एस्टेट थाना में १० अक्टूबर को केस संख्या ३३०/२०२६ और ३३१/२०२६ दर्ज किए गए हैं। ये मामले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा ओडिशा लघु खनिज रियायत नियमावली (ओएमएमसी नियम) के प्रावधानों के तहत दर्ज किए गए हैं।
जांच के दौरान कथित उत्खनन की परिस्थितियों, गिरफ्तार व्यक्तियों की भूमिका और इस गतिविधि में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की पड़ताल की जाएगी। खनन संबंधी अनुमति, परिवहन अभिलेख और अन्य दस्तावेजों का सत्यापन मामले के तथ्यों को स्थापित करने तथा आगे की कानूनी कार्रवाई निर्धारित करने में महत्वपूर्ण होगा।
बड़ी संख्या में भारी मशीनों और परिवहन वाहनों की जब्ती ने लघु खनिजों के उत्खनन एवं परिवहन की नियमित निगरानी व्यवस्था पर भी ध्यान केंद्रित किया है। हालांकि, उपलब्ध पुलिस जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि कथित गतिविधियां कितने समय से जारी थीं अथवा संबंधित स्थलों पर पहले कोई निरीक्षण किया गया था या शिकायत दर्ज हुई थी।
अब पुलिस की जांच और सक्षम खनन एवं राजस्व अधिकारियों के आकलन से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित अनियमितताओं की वास्तविक सीमा क्या है तथा इस मामले में आगे किस प्रकार की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

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