निर्वाचन सूची के पुनरीक्षण पर उठाए सवाल; एआईसीसी पर्यवेक्षक नीलांशु चतुर्वेदी ने पारदर्शिता की कमी का लगाया आरोप, पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की मांग
दिलीप कुमार पटनायक
खोरधा, २८ अक्टूबर: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने आरोप लगाया कि भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से चुनावी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के विश्वास को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

खोरधा जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक नीलांशु चतुर्वेदी ने मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने की मांग की। उन्होंने इस प्रक्रिया को अवैध बताते हुए आरोप लगाया कि इसके कारण पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की आशंका है। उन्होंने ऐसे सभी पात्र मतदाताओं के नाम तत्काल बहाल करने की मांग भी की।
संवाददाता सम्मेलन की अध्यक्षता खोरधा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजीव पटनायक ने की।
चतुर्वेदी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से चुनावी व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास प्रभावित हुआ है। उन्होंने निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित कानून को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि इस संवैधानिक संस्था को स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कार्य करना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण आवश्यक है, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। इसमें सभी पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि मतदाता सूची में नाम शामिल होने को लेकर अनिश्चितता के कारण पात्र मतदाताओं के मन में अपने मतदान के अधिकार को लेकर आशंका पैदा हो सकती है।
चुनावी सुधारों की आवश्यकता पर जोर देते हुए चतुर्वेदी ने आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली लागू करने की वकालत की। उन्होंने चुनाव में धनबल और बाहुबल के प्रभाव को समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग भी की।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनका आचरण लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए चुनौती बन रहा है। चतुर्वेदी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता अनिवार्य है।
कांग्रेस ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र नागरिक को त्रुटि या चूक के कारण मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। पार्टी ने एसआईआर प्रक्रिया को निष्पक्ष तरीके से संचालित करने तथा वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटने से रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।
संवाददाता सम्मेलन के बाद जिला कांग्रेस कार्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की गई तथा पार्टी की गतिविधियों को मजबूत बनाने से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में पूर्व मंत्री सुरेश कुमार राउतराय, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं खोरधा जिला प्रभारी प्रियब्रत सामंतराय, बेगुनिया विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी पृथ्वीबल्लभ पटनायक, खोरधा विधानसभा क्षेत्र की प्रत्याशी सोनाली साहू, जटनी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी संतोष जेना तथा चिलिका विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी प्रदीप स्वाईं उपस्थित थे।
इसके अलावा स्वागतिका पटनायक, सत्यजीत पटनायक, सदाशिव महापात्र, शिशिर परिड़ा, अशोक मंगराज, जयश्री पटनायक, अफसाना बेगम, रंजीत महापात्र, शैलेन्दु दास, शुभ्रांशु पटनायक, मौमुद्दीन मोहम्मद, अक्षय महापात्र, प्रदोष हरिचंदन, जयंत दास, फकीर साहू, प्रमोद स्वाईं, तपस मिश्रा, शेख साजिद, प्रताप बेहरा, जन्मजय स्वाईं, सौम्य पटनायक, रमाकांत पटनायक, उग्रसेन बिस्वाल तथा श्रिया सेठी सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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